हरबंस कपूर

By : Admin

अपने स्कूटर से जनता के बीच पहुंच जाने वाले व हमेशा लोगों से घिरे रहने वाले। भाजपा के वरिष्ठ विधायक तथा उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष रह चुके हरबंस कपूर बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उनका जन्म 1946 में बन्नु (अभिवाजित भारत ) उत्तर  पश्चिमी सीमांत प्रांत में एक पंजाबी हिंदू परिवार में हुआ। उनके पिता स्वo श्री सोहन लाल जी व्यवसाई थे । बचपन से ही हरबंस जी के अंदर नेतृत्व क्षमता दिखती थी। अपने सहपाठियों के बीच सुलह कराना , दो गुटों के बीच मध्यस्ता करना। ऐसे कार्यों के लिए उनके पास युवा आयु से ही छात्रों का तांता लगा रहता था । विज्ञान की तरफ रुझान रहने के कारण उन्होंने स्नातक की पढाई  बैचलर ऑफ़ साइंस से डीoएoवीo कॉलेज से की ।

स्नातक की पढाई करते हुए उनके अंतर्मन में समाज हित में कुछ करने की भावना रच बस गई थी। इसी के चलते वो छात्र राजनीति में सक्रिय रहने लगे। जिसमें पहले वो चुनाव में निर्दलीय लड़ कर 'विश्वविद्यालय प्रतिनिधि' बने व आगे चल कर डीoएoवीo विश्वविद्यालय के 'महासचिव' के पद पर रहे। विज्ञान में अकादमिक तौर से बेहतरीन रहने के बावजूद उन्होंने स्नाकोत्तर में लॉ की पढ़ाई भी देहरादून के डीoएoवीo विश्वविद्यालय से कर अधिवक्ता बनने का निर्णय किया। यहां से उनके लिए समाज कल्याण के कई रास्ते खुले। हरबंस जी खुद को हमेशा वो सामाजिक कार्यों तथा विधि के नए कार्यों में व्यस्त पाते। ऐसे कई किस्से उनकी धर्मपत्नी व वर्तमान में देहरदून कैंट विधायक श्रीमति सविता कपूर जी से सुनने को मिलते हैं। एक किस्सा बताती हैं जब हरबंस जी रामजन्म भूमि आंदोलन में सक्रिय थे तब उन्हें पुलिस ढूंढते हुए घर तक पहुंच जाती थी पर वो उन्हें और उनके साथियों पकड़ नहीं पाती।

एक दिन हरबंस जी और उनके साथियों को पुलिस ने प्रेमनगर मैदान में घेर लिया तो सभी लोग ऊंट के उपर चढ़ गए और गिरफ्तार होने से बच गए। बाद में पूरी जनता के समक्ष उन्होंने अपनी गिरफ्तारी दी। ऐसे ही कई किस्से हैं। जहां आप उनके  को समाज व भारतीय जानता पार्टी के विचारों के लिए संघर्ष करता हुआ अपना जीवन व्यतीत करता हुआ पाएंगें। हरबंस जी का सारा दिन सामाजिक कार्यों में व्यतीत होने लगा ।  उनके पास फिर से जनता का तांता लगने लगा। अपनी देश भक्ति और विचारों को देख कर हरबंस जी ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की और ज़मीनी स्तर अपने राजनैतिक जीवन की शुरुवात की। 1985 में भारतीय जानता पार्टी ने उन्हें देहरादून से अपना प्रत्याशी बनाया लेकिन उस समय उन्हें हार का सामना करना पड़ा लेकिन हरबंस कपूर जी उसी दिन से अगले चुनावों की तैयारी में लगे गए ,जिसके बाद वे कभी भी विधानसभा चुनाव नहीं हारे और लगातार 8 बार विधायक रहे। 1989 में देहरादून निर्वाचन क्षेत्र से 10वीं उत्तरप्रदेश विधनसभा के सदस्य  के रुप में उत्तरप्रदेश विधानसभा में शामिल हुए। उसके बाद 11वीं विधानसभा, 12वीं विधानसभा, 13वीं विधानसभा में शामिल हो कर जनता की आवाज़ को बुलंद किया। तथा उसके बाद उनकी कुछ राजनीतिक उपलब्धियां इस प्रकार रहीं।

वर्ष 1991- 92  उत्तरप्रदेश सरकार में ग्राम्य विकास , श्रम, सेवायोजन राज्यमंत्री रहे। उत्तर प्रदेश विधान सभा की याचिका समिति, लोक लेखा समिति, आवास समिति तथा आश्वासन समिति आदि में सदस्य। उत्तराखण्ड की पहली बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड सरकार में शहरी विकास, आवास, श्रम एव सेवायोजन मंत्री, वर्ष 2001-02 उत्तराखण्ड विधान सभा की नियम समिति एवं लोक लेखा समिति के सदस्य, वर्ष 2003-2004उत्तराखण्ड विधान सभा की आवास एवं व्यवसाय सलाहकार समिति के सदस्य, वर्ष 2004-2005 12 मार्च, 2007 को सर्वसम्मति से उत्तराखण्ड विधान सभा के अध्यक्ष निर्वाचित हुए । 'सामाजिक कार्यों में उनके सतत प्रयास उनकी कर्मठता ही दर्शातें हैं'। हरबंस जी द्वारा किए गए कुछ सामाजिक कार्य निम्न हैं। देहरादून में पेयजल की स्थिति को पूर्व की अपेक्षा अधिक संतोषजनक बनाने हेतु विभिन्न योजनाओं के विकास में महत्वपूर्ण योगदान। शहर को चारों दिशाओं से जोड़ने के लिए अति आवश्यक सम्पर्क मार्गों तथा पुलों आदि का निर्माण प्रारम्भ कराने का महत्वपूर्ण कार्य।

स्वच्छ एवं हरित प्रदेश के सपने को पूर्ण करने हेतु सदैव प्रयासरत, वृक्षारोपण के असंख्य कार्यक्रमों का आयोजन, मार्गदर्शन एवं भागीदारी तथा नगर की सफाई व्यवस्था के लिए श्रमदान। विशिष्ट सामाजिक सेवाओं हेतु महामहिम राज्यपाल उत्तराखण्ड द्वारा दून सिटिजन काउन्सिल द्वारा प्रायोजित प्राइड ऑफ उत्तराखण्ड पुरस्कार से सम्मानित । डॉo भीष्म नारायण सिंह, पूर्व महामहिम राज्यपाल द्वारा इन्डिया इन्टरनेशनल फ्रेन्डशिप सोसाइटी द्वारा प्रयोजित 'भारत ज्योति' से सम्मानित। "आज स्वo हरबंस आज हमारे बीच नहीं हैं पर उनकी स्मृति व उनके विकास कार्य सदैव हमारे बीच रहेंगे।" वो हमेशा बच्चों की शिक्षा और विकास को प्राथमिकता देते थे। आज उनकी स्मृति में हरबंस कपूर मेमोरियल ट्रस्ट शुरू किया गया है। जिसमें गरीब बच्चों के लिए शिक्षा।खेल कूद में बच्चों को प्रोत्साहन।गरीब बच्चों के लिए कंप्यूटर सीख तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न प्रकार की शैक्षिक व खेल कूद प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है।